माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी सर के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सरकार माँ गंगा के संरक्षण और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी सर के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सरकार माँ गंगा के संरक्षण और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आज राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) की एम्पावर्ड टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में लंबित विषयों की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित पक्षों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्यों में तेजी लाएं।
गंगा संरक्षण केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संकल्प है। सरकार, समाज और प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से यह अभियान और अधिक प्रभावी बनेगा। माँ गंगा की अविरलता और निर्मलता सुनिश्चित करने के लिए यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
बैठक में जल शक्ति राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी, जल शक्ति मंत्रालय की सचिव सुश्री देबश्री मुखर्जी, अतिरिक्त सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, NMCG के महानिदेशक श्री राजीव मित्तल, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, गंगा बेसिन के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि और संबंधित मंत्रालयों के अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
आज जल शक्ति अभियान – कैच द रेन और अटल भूजल योजना के तहत देशभर के जिला कलेक्टरों के साथ व्यापक समीक्षा बैठक की। माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi सर के नेतृत्व में जल संरक्षण एक जन आंदोलन बन चुका है। आज की बैठक में विभिन्न जिलों ने अपने सर्वश्रेष्ठ जल संरक्षण मॉडल साझा किए जैसे की…. ✅ बाड़मेर में पारंपरिक टांका संरचनाओं का निर्माण ✅ अलवर में ऐतिहासिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार और Building as Learning Aid ✅ मेहसाणा में अटल जल योजना के तहत प्रभावी कार्य ✅ धमतरी में जल प्रबंधन के अभिनव प्रयास सभी जिलों से आग्रह किया कि वे जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और हर सरकारी भवन में जल संचयन प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करें। मनरेगा, 15वें वित्त आयोग, जिला खनिज निधि, CSR और जनसहयोग को समन्वित कर जल संरक्षण के लिए वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। नवसारी में मात्र 24 घंटे में 1,100 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा और जनभागीदारी का अद्भुत उदाहरण है। इसी तरह, हम 31 मई तक 10 लाख से अधिक जल संचयन संरचनाओं के निर्माण के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जिसमें से 5 लाख से अधिक पहले ही पूरे हो चुके हैं। #CatchTheRain #WaterConservation #JalJeevanMission
आज जल शक्ति अभियान – कैच द रेन और अटल भूजल योजना के तहत देशभर के जिला कलेक्टरों के साथ व्यापक समीक्षा बैठक की। माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi सर के नेतृत्व में जल संरक्षण एक जन आंदोलन बन चुका है।
आज की बैठक में विभिन्न जिलों ने अपने सर्वश्रेष्ठ जल संरक्षण मॉडल साझा किए जैसे की….
बाड़मेर में पारंपरिक टांका संरचनाओं का निर्माण
अलवर में ऐतिहासिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार और Building as Learning Aid
मेहसाणा में अटल जल योजना के तहत प्रभावी कार्य
धमतरी में जल प्रबंधन के अभिनव प्रयास
सभी जिलों से आग्रह किया कि वे जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और हर सरकारी भवन में जल संचयन प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करें। मनरेगा, 15वें वित्त आयोग, जिला खनिज निधि, CSR और जनसहयोग को समन्वित कर जल संरक्षण के लिए वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए।
नवसारी में मात्र 24 घंटे में 1,100 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा और जनभागीदारी का अद्भुत उदाहरण है। इसी तरह, हम 31 मई तक 10 लाख से अधिक जल संचयन संरचनाओं के निर्माण के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जिसमें से 5 लाख से अधिक पहले ही पूरे हो चुके हैं।
आज ग्राम पिंपळे अकरौत, जलगांव में आयोजित जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम में उपस्थित रहने का अवसर मिला।
आज ग्राम पिंपळे अकरौत, जलगांव में आयोजित जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम में उपस्थित रहने का अवसर मिला।
माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi सर के नेतृत्व में जल संरक्षण एक जन आंदोलन बन चुका है। जन भागीदारी से चेक डैम और वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण हो रहा है, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि और किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
इस अवसर पर केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षाताई खडसे जी एवं उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिजाइन एंड रिसर्च की अध्यक्ष श्रीमती क्षिप्रा शुक्ला जी भी उपस्थित रहीं।
આજે વિશ્વ મહિલા દિવસે માનનીય પ્રધાનમંત્રી શ્રી નરેન્દ્રભાઇ મોદી સાહેબે
આજે વિશ્વ મહિલા દિવસે માનનીય પ્રધાનમંત્રી શ્રી નરેન્દ્રભાઇ મોદી સાહેબે નવસારી ખાતે લખપતિ દીદી સંમેલન અંતર્ગત 25 હજારથી વધુ સ્વ-સહાય જૂથની 2.5 લાખથી વધુ મહિલાઓને ₹ 450 કરોડથી વધુની સહાય વિતરિત કરી અને “લખપતિ દીદી”ઓને સન્માનિત કર્યા. માનનીય પ્રધાનમંત્રી શ્રી દ્વારા થયેલું સન્માન લખપતિ દીદીનાં જીવનમાં પ્રેરણા સમાન બનશે.
આ અવસરે માનનીય મુખ્યમંત્રી શ્રી ભુપેન્દ્રભાઈ પટેલની વિશેષ ઉપસ્થિતિ વચ્ચે આ ક્ષણનાં સાક્ષી બનવાનું સૌભાગ્ય સાંપડ્યું.
માનનીય પ્રધાનમંત્રી શ્રીનાં નેતૃત્વમાં વિકસિત ભારતનાં સંકલ્પને સાકાર કરવા આપણાં દેશની નારીશક્તિની ભૂમિકા ખૂબ મહત્વની સાબિત થશે એવો મને વિશ્વાસ છે.
માનનીય પ્રધાનમંત્રી શ્રી Narendra Modi સાહેબે આજે આંતરરાષ્ટ્રીય મહિલા દિવસ
માનનીય પ્રધાનમંત્રી શ્રી Narendra Modi સાહેબે આજે આંતરરાષ્ટ્રીય મહિલા દિવસ નિમિત્તે નવસારી ખાતે લખપતિ દીદી સાથે સંવાદ કર્યો અને વિવિધ વિષયો પર ચર્ચા કરી. આ પ્રસંગે માનનીય મુખ્યમંત્રી શ્રી Bhupendra Patel જીની ઉપસ્થિતિ વચ્ચે એ સંવાદનાં સાક્ષી બનવાનું સૌભાગ્ય સાંપડ્યું.
આપણાં સૌનાં લોકલાડીલા માનનીય પ્રધાનમંત્રી શ્રી Narendra Modi સાહેબને સુરત એરપોર્ટ પર આવકાર આપી પરમ ધન્યતા અનુભવી.
આપણાં સૌનાં લોકલાડીલા માનનીય પ્રધાનમંત્રી શ્રી Narendra Modi સાહેબને સુરત એરપોર્ટ પર આવકાર આપી પરમ ધન્યતા અનુભવી.
માનનીય પ્રધાનમંત્રી શ્રી જ્યારે ગુજરાતનાં મુખ્યમંત્રી હતા એ સમયથી એમનાં હૈયે સુરત વસ્યું છે, આજે પ્રધાનમંત્રી શ્રીનો સુરત સાથેનો સ્નેહ નાતો વધુને વધુ મજબૂત બનતો જાય છે !
સુરત શહેરનાં સૌ નાગરિકો વતી માનનીય પ્રધાનમંત્રીશ્રીને ભાવભીનો આવકાર !
आज NIH, रुड़की में 10वें अंतरराष्ट्रीय भूजल सम्मेलन (IGWC 2025) को संबोधित किया।
आज NIH, रुड़की में 10वें अंतरराष्ट्रीय भूजल सम्मेलन (IGWC 2025) को संबोधित किया। “भूजल विजन 2047: बदलती जलवायु में जल सुरक्षा की ओर” विषय पर हो रही यह चर्चा जल प्रबंधन के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी सर के नेतृत्व में भारत सरकार अटल भूजल योजना, National Hydrology Project, जल शक्ति अभियान, Per Drop More Crop, जल संचय जन भागीदारी जैसी योजनाओं से जनता के सक्रिय सहभाग के साथ भूजल पुनर्भरण और जल संरक्षण को सशक्त बना रही है। वैज्ञानिक शोध, तकनीक और जनभागीदारी से हम 2047 में जल-सुरक्षित विकसित भारत का संकल्प पूरा करने हेतु प्रतिबद्ध हैं।
आज राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की में आयोजित 42वीं वार्षिक सामान्य बैठक (AGM) की अध्यक्षता की।
आज राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की में आयोजित 42वीं वार्षिक सामान्य बैठक (AGM) की अध्यक्षता की। जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन और वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने में NIH की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी सर के दूरदर्शी नेतृत्व में हम नवीनतम तकनीकों, वैज्ञानिक शोध और सुदृढ़ नीतियों के माध्यम से जल संरक्षण एवं प्रबंधन को और प्रभावी बना रहे हैं। NIH के अनुसंधान और नवाचारों को पूरा समर्थन, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आज भारत और नेपाल के बीच जल, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन (WASH) क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाइ मोदी सर के दूरदर्शी नेतृत्व में यह MOU दोनों देशों के बीच जल संरक्षण, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में तकनीकी सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान और संयुक्त प्रयासों को बढ़ावा देगा। भारत के जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन जैसी पहलों के अनुभवों को साझा करते हुए समुदाय-आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे, जिससे जल एवं स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर नेपाल सरकार के जल आपूर्ति मंत्री श्री प्रदीप यादव जी, नेपाल में भारत के राजदूत श्री नवीन श्रीवास्तव जी, भारत में नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा जी, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की सचिव श्रीमती देबश्री मुखर्जी जी, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री अशोक कुमार मीणा जी, और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
भारत और नेपाल के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए, यह साझेदारी दोनों देशों के नागरिकों के जीवन को और अधिक सहज, स्वस्थ और समृद्ध बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्र की प्रमुख चुनौतियों के समाधान और दूरदर्शी चिंतन पर आधारित श्री राजेंद्र गोयनका द्वारा लिखित पुस्तक “संपूर्ण समाधान” के लोकार्पण का अवसर प्राप्त हुआ।
राष्ट्र की प्रमुख चुनौतियों के समाधान और दूरदर्शी चिंतन पर आधारित श्री राजेंद्र गोयनका द्वारा लिखित पुस्तक “संपूर्ण समाधान” के लोकार्पण का अवसर प्राप्त हुआ। यह पुस्तक सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है और एक समृद्ध व आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सार्थक दृष्टिकोण प्रदान करती है।
राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में ऐसे सतत विकासशील और क्रांतिकारी विचारों का स्वागत है, जो नवाचार, आर्थिक सशक्तिकरण और समग्र प्रगति की दिशा में मार्गदर्शन करें।