विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्। पात्रत्वाद् धनमाप्नोति, धनात् धर्मं ततः सुखम्॥
विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्। पात्रत्वाद् धनमाप्नोति, धनात् धर्मं ततः सुखम्॥ आज माननीय केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी जी के निवास पर श्री शृंगेरी शारदा पीठम् के उत्तराधिकारी,