आज नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत 12वीं सशक्त कार्य बल की बैठक को संबोधित किया। पिछले दस वर्षों में गंगा सफाई में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, और अब इस अभियान को और तेज़ी से आगे बढ़ाना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के समन्वित स्वच्छता प्रयासों ने गंगा की सफाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैंने संबंधित परियोजनाओं के बुनियादी ढांचे को समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश भी दिया ।
गंगा न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, बल्कि इसका आध्यात्मिक महत्व भी अतुलनीय है। इसके तटों पर पर्यटन की असीम संभावनाएँ हैं, जिन्हें साकार कर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। इसके साथ ही, मैंने पुनर्नवीनीकरण जल के उपयोग पर विशेष जोर दिया है, इसे एक अमूल्य संसाधन मानते हुए सभी संभावनाओं को तलाशने की आवश्यकता पर बल दिया।
गंगा की स्वच्छता और संरक्षण हमारे लिए केवल एक पर्यावरणीय कार्य नहीं, बल्कि भावनात्मक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।








